शिमला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने आगामी बजट सत्र से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए 16 मार्च को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। समिति ने सरकार से मांग की है कि वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान के लिए पर्याप्त प्रावधान किया जाए।मंगलवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि 5 मार्च को सुंदरनगर में हुई राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि 18 मार्च से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र दोबारा शुरू हो रहा है और 21 मार्च को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। ऐसे में सरकार को पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वर्मा ने बताया कि शिमला में यह धरना उपायुक्त कार्यालय के समीप तारघर के पास आयोजित होगा, जिसमें 18 पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से जेसीसी की बैठक जल्द बुलाकर पेंशनरों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग भी उठाई।भूपराम वर्मा ने कुछ नेताओं के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि पेंशनरों को किसी भी तरह से गुमराह नहीं होने दिया जाएगा। वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आगामी बजट में पेंशनरों की 60 से 70 प्रतिशत देनदारियां इसी वर्ष देने का आश्वासन देती है, तो 30 मार्च को शिमला में प्रस्तावित राज्य स्तरीय रैली को स्थगित किया जा सकता है।