शिमला। ईरान इजरायल यू एस युद्ध से दुनिया भर में ईंधन तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई है. देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी गैस आपूर्ति स्थाई रूप से बंद की गई है. इस स्थिति का असर अब हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है. राज्य के स्थानीय लोग और पर्यटन कारोबारी स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं. अब स्थानीय लोग और पर्यटन कारोबारी राज्य और केंद्र सरकार से स्थिति को सामान्य करने की मांग कर रहे हैं.
शिमला में स्थानीय लोगों ने गैस आपूर्ति को लेकर चिंता जताई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ईरान और इसराइल, यू एस के बीच चल रहा युद्ध लंबा चलता है तो इसका बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर मिलने बंद हो गए हैं इसके बाद यह संकट घरेलू एलपीजी सिलेंडर तक पहुंच जाएगा. इसके अलावा स्थानीय लोगों ने चिंता जाहिर की है कि आने वाले दिनों में त्योहारों का मौसम और वैवाहिक कार्यक्रम होंगे ऐसे में अगर एलपीजी गैस उपलब्ध नहीं हुआ तो लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी. स्थानीय लोगों का कहना है घरेलू गैस सिलेंडर ऑनलाइन बुक नहीं हो पा रहे हैं जिससे महिलाओं बुजुर्गों को एलपीजी गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है. ऐसे में अब राज्य सरकार से केंद्र सरकार के साथ संबंध में बिठाकर प्रदेश में एलपीजी गैस का कोटा पूरा करने की मांग की जा रही है.
वहीं पर्यटन कारोबारी इंद्रजीत सिंह ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण आज खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है. इस दौरान उन्होंने हरदीप पुरी के अप्सटिन फाइल में नाम आने का भी जिक्र किया. इंद्रजीत ने कहा कि फिलहाल प्रदेश सरकार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की मात्रा पर्याप्त होने की बात कह रही है. लेकिन, आने वाले समय में कमर्शियल गैस आपूर्ति का संकट पैदा हो सकता है. उन्होंने कहा कि प्रदेश का पर्यटन कारोबारी पहले ही आपदा और कम बर्फबारी के कारण नुकसान झेल रहा है. ऐसे में अगर गैस सप्लाई बाधित हुई तो पर्यटन कारोबार को और नुकसान भुगतना पड़ेगा.