शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान रंग ला रहा है। शिमला पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एलएसडी (LSD) तस्करी के मुख्य सरगना को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
ASP अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की पहचान 27 वर्षीय नविएल हैरिसन (निवासी कालीकट, केरल) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की शुरुआत पुलिस थाना न्यू शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 14/2026 से हुई। पुलिस ने पहले संदीप शर्मा (निवासी मोगा, पंजाब) और प्रिया शर्मा (निवासी ददाहू, सिरमौर) को 11.570 ग्राम एलएसडी (562 स्टांप साइज स्ट्रिप्स) के साथ गिरफ्तार किया था। इन्हीं आरोपियों से हुई कड़ी पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण ने पुलिस को गुरुग्राम में बैठे मुख्य सप्लायर नविएल तक पहुँचाया।
ASP अभिषेक ने कहा कि जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी संदीप शर्मा पुलिस की रडार से बचने के लिए सामान्य फोन कॉल का उपयोग बिल्कुल नहीं करता था। वह केवल व्हाट्सएप के माध्यम से ही अपने नेटवर्क से संपर्क साधता था। यही नहीं, इनके बीच नशे के बदले नशे का व्यापार भी चलता था—संदीप शर्मा मुख्य सप्लायर नविएल को एलएसडी के बदले में कैनाबिस (गांजा) उपलब्ध करवाता था।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 77 मुकदमे दर्ज कर 144 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इनमें से 14 आरोपी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और भारत-नेपाल बॉर्डर जैसे बाहरी क्षेत्रों से ‘बैकवर्ड लिंकेज’ के तहत गिरफ्तार किए गए हैं। साथ ही, PIT NDPS के कड़े प्रावधानों के तहत पिछले 48 दिनों में 30 शातिर तस्करों को जेल भेजा गया है।