उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर बल दिया

New Delhi. उपराष्ट्रपति  सी. पी. राधाकृष्णन ने  नई दिल्ली के वसंत विहार में मॉडर्न स्कूल के स्वर्ण जयंती भवन का उद्घाटन किया। यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल के 50 वर्षों के विशिष्ट योगदान का प्रतीक है।

उपराष्ट्रपति ने शैक्षिक उत्कृष्टता के पांच दशक पूरे करने पर स्कूल को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को एक उल्लेखनीय सफलता बताया, जो शिक्षा, चरित्र निर्माण और युवा पीढ़ी के पोषण के प्रति निरंतर समर्पण को दर्शाती है।

राधाकृष्णन ने प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जहां बच्चों को कम उम्र से ही सही राह दिखाना महत्वपूर्ण है, वहीं उन्हें जिम्मेदार और सक्षम व्यक्तियों के रूप में ढालना और भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अच्छे व्यक्ति एक अच्छे समाज का निर्माण करते हैं और एक अच्छा समाज एक महान राष्ट्र का निर्माण करता है।

उपराष्ट्रपति ने नए भवन के निर्माण में पूर्व विद्यार्थियों, के योगदान की सराहना की। इनमें जेके सीमेंट से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उन्होंने सामूहिक प्रगति की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उदारता और सामाजिक योगदान के कार्यों को पहचानने और प्रोत्साहित करने के महत्व का उल्लेख किया।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका का उल्लेख करते हुए इस बात पर बल दिया कि मॉडर्न स्कूल जैसे संस्थान भविष्य के भारत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य आत्मनिर्भरता और गरिमा की आकांक्षा में निहित है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भारत किसी अन्य देश के अधीन न रहे। उन्होंने सभी क्षेत्रों और समुदायों में समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में तेजी से हो रहे अवसंरचना विकास को संतुलित प्रगति का उदाहरण बताया।

उपराष्ट्रपति ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के चरित्र और आत्मविश्वास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज के प्रति उनका योगदान अमूल्य है। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण और प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें संस्थान की सफलता की नींव बताया।

इस कार्यक्रम में प्रबंध समिति के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संजय किशन कौल; न्यासी मंडल की अध्यक्ष, श्रीमती मीरा प्रदीप सिंह; प्रधानाचार्य, श्रीमती विभा खोसला; न्यासी मंडल की सचिव, श्रीमती अंबिका पंत; विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ उपस्थित थीं।

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