क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, सुलभ और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े निर्णय

कुल्लू: क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुलभ और मरीजों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की गवर्निंग बॉडी की बैठक अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। उपायुक्त कुल्लू एवं उपाध्यक्ष आरकेएस अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹3,83,96,000 के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई। इस बजट में ₹1,11,50,000 पूंजीगत व्यय तथा ₹2,72,46,000 राजस्व व्यय शामिल है, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए ₹6,35,00,800 की अनुमानित प्राप्तियां भी स्वीकृत की गईं। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,64,00,000 के प्रस्तावित व्यय के मुकाबले ₹2,08,96,900 व्यय हुए तथा ₹2,69,84,000 के अनुमान के मुकाबले ₹4,51,19,487 की प्राप्तियां दर्ज की गईं।
     बैठक में भुंतर स्थित नशा मुक्ति केंद्र जो अस्पताल का अंग है, में उपचाराधीन व्यक्तियों के लिए बेहतर चिकित्सा, सुरक्षा एवं पुनर्वास सुविधाओं पर विशेष फोकस करने का निर्णय किया गया। संस्थान में सुरक्षा कक्ष, कैंटीन, वॉलीबॉल कोर्ट एवं ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण के लिए ₹13,00,000 की स्वीकृति दी गयी। अस्पताल में आधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद के लिए ₹85,50,000, मरीजों के लिए हीटर, पंखे, कूलर व गीजर जैसी मौसमी सुविधाओं हेतु ₹3,00,000 तथा फर्नीचर, बिस्तर एवं लिनेन के लिए ₹10,00,000 का प्रावधान किया गया है।
      अस्पताल में आधुनिक उपकरणों में आईएलआर (ILR), सीसीटीवी (CCTV), ऑक्सीजन पैनल, इंटरकॉम, पोर्टेबल डेंटल एक्स-रे, RVG यूनिट आदि शामिल हैं तथा विशेष रूप से डेंटल चेयर पर ही एक्स-रे सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर त्वरित जांच एवं उपचार मिल सकेगा।
     राजस्व व्यय के तहत अस्पताल प्रशासन, ओपीडी/आईपीडी एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं के संचालन के लिए ₹1,60,70,000, मशीनरी की मरम्मत, AMC/CMC एवं उपभोग्य सामग्री के लिए ₹34,71,000, एंबुलेंस सेवाओं के लिए ₹18,05,000, भवन मरम्मत एवं रखरखाव के लिए ₹51,00,000 तथा बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ₹8,00,000 का प्रावधान किया गया है।
   बैठक में अस्पताल में बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए इलेक्ट्रिकल पैनलों के प्रतिस्थापन/स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई, जिससे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) का काउंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिससे मरीजों व तीमारदारों को उचित दरों पर ताजे फल एवं पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध होंगे।
   अस्पताल में नई जांच सुविधाएं शुरू करने के लिए यह निर्णय लिया गया कि जब तक दरें अंतिम रूप से निर्धारित नहीं होतीं, तब तक जांचें आईजीएमसी शिमला की दरों पर उपलब्ध करवाई जाएंगी।
   अस्पताल ओपीडी पर्ची शुल्क की वसूली अब QR कोड के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।
इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर में एटीएम स्थापित करने हेतु स्थान किराये पर देने को मंजूरी दी गई। निजी वार्ड शुल्क यथावत रखने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न मदों के अंतर्गत ₹35,14,518 की अतिरिक्त व्यय राशि को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।
    बैठक में लिए गए इन सभी निर्णयों से अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने, मरीजों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने तथा उनके आर्थिक बोझ को कम करने में सहायता मिलेगी। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

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