कुल्लू..जनजातीय क्षेत्रों के बजट में कथित कटौती को लेकर पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लाहौल-स्पीति सहित जनजातीय इलाकों के लिए निर्धारित बजट में भारी कटौती कर विकास कार्यों को प्रभावित किया है।
मारकंडा ने कहा कि पहले जहां जनजातीय क्षेत्रों के लिए करीब 972 से 988 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता था, वहीं इस बार इसे घटाकर करीब 302 से 315 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इसे जनजातीय क्षेत्रों की अनदेखी करार देते हुए कहा कि बजट में कटौती के कारण विकास कार्य ठप पड़ गए हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई कार्य अधर में लटके हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण इन क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मारकंडा ने यह भी कहा कि प्रदेश में तीसरा मोर्चा पंचायत चुनावों के माध्यम से अपनी रणनीति तैयार करेगा और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगा।
जनजातीय बजट में भारी कटौती का आरोप
972–988 करोड़ से घटाकर 302–315 करोड़ करने का दावा
विकास कार्य ठप होने की बात कही
तीसरे मोर्चे की रणनीति का भी किया जिक्र
कुल मिलाकर, जनजातीय बजट को लेकर उठे इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।