शिमला – हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है और शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। वहीं ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर 20 अप्रैल तक बना रहेगा।
आने वाले दिनों में भी राहत के आसार कम हैं। शनिवार और रविवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में फिर से ओलावृष्टि और तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा सक्रिय होगा, जिससे ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बारिश और हवाएं चल सकती हैं। हालांकि 20 अप्रैल से यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और 21 अप्रैल से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
इस दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है, जबकि निचले और मध्यम क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव से तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम के इस मिजाज ने सेब बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों प्रदेश में सेब की फ्लावरिंग का समय चल रहा है, जिसमें साफ मौसम बेहद जरूरी होता है। ओलावृष्टि, बारिश और बर्फबारी से फसल को भारी नुकसान हो सकता है। पहले ही कई इलाकों में ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान पहुंच चुका है, जिससे बागवानों की परेशानी और बढ़ गई है।