नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लेह में ‘तथागत के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी’ के उद्घाटन पर आज प्रसन्नता व्यक्त की। यह प्रदर्शनी कल बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित की गई थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कपिलवस्तु के पिपरावा स्तूप से जुड़े ये पवित्र अवशेष, जिनकी खुदाई उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में की गई थी भगवान बुद्ध की शाश्वत शिक्षाओं को समाहित करते हैं।
मोदी ने यह उल्लेख किया कि यह प्रदर्शनी 14 मई तक जारी रहेगी और आने वाले दिनों में ज़ांस्कर भी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लद्दाख के सभी लोगों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करती है। मोदी ने कहा कि इससे लद्दाख में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
“यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि कल बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लेह में ‘तथागत के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी’ का उद्घाटन किया गया। ये पवित्र अवशेष कपिलवस्तु के पिपरावा स्तूप से संबंधित हैं और उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में उत्खनित किए गए थे। ये भगवान बुद्ध की चिरस्थायी शिक्षाओं का प्रतीक हैं।”
यह प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी। आने वाले दिनों में यह ज़ांस्कर भी जाएगी। यह पूरे लद्दाख के लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक अनमोल अवसर प्रदान करती है। इससे लद्दाख में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।