भारत सरकार के कौशल विकास मिशन के अनुरूप उन्नत कंक्रीट प्रौद्योगिकी (एसीटी) पर छह महीने के ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम का शुभारंभ होना इस कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण था। एनसीबी के सीसीई प्रमुख डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि 25 सप्ताह के इस हाइब्रिड कार्यक्रम में सप्ताहांत ऑनलाइन सत्रों के साथ-साथ एनसीबी बल्लभगढ़ में चार दिवसीय ऑन-साइट मॉड्यूल शामिल है, जिसमें मिक्स डिजाइन, स्थायित्व, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, आरएमसी संचालन और उन्नत टिकाऊ कंक्रीट को शामिल किया गया है।
समापन पैनल चर्चा का विषय था “क्या हम आईएस 456:2025 को लागू करने के लिए तैयार हैं?” इस पैनल चर्चा में उद्योग जगत की तैयारियों, कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों और क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र का संचालन एनसीबी के संयुक्त निदेशक इंजीनियर अमित त्रिवेदी ने किया, जिसमें विशेषज्ञों ने प्रदर्शन-आधारित विशिष्टताओं और सुदृढ़ गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं पर बल दिया। एनसीबी के सीआईएस प्रमुख श्री जी.जे. नायडू ने कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार रामनचारला ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक (मानकीकरण) इंजीनियर संजय पंत विशिष्ट अतिथि के रूप में और राष्ट्रीय सीमेंट और भवन निर्माण सामग्री परिषद के महानिदेशक डॉ. एल.पी. सिंह उपस्थित थे।
तकनीकी सत्रों में एनसीबी के संयुक्त निदेशक इंजीनियर पीएन ओझा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के प्रोफेसर प्रो. मनु संतनम, एनसीबी के पूर्व संयुक्त निदेशक इंजीनियर वीवी अरोरा और टंडन कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष प्रो. महेश टंडन ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने टिकाऊ डिजाइन, निर्माण सामग्री, गुणवत्ता आश्वासन/गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों और मसौदा संहिता के अनुरूप प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट प्रावधानों पर अपने विचार साझा किए।
