हिंदुस्तान कॉपर का पीबीटी वित्तीय वर्ष 26 में 95% बढ़कर रिकॉर्ड 1,233 करोड़ रुपये पर पहुँचा

नई दिल्ली। राष्ट्र की एकमात्र ताँबा खनन कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएलने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए ऐतिहासिक परिणाम दर्ज किए हैं। कंपनी ने महत्वपूर्ण परिचालन उपलब्धियों को दर्शाते हुए अनेक वित्तीय रिकॉर्ड स्‍थापित किए हैं।

भारत सरकार के खान मंत्रालय के अंतर्गत मिनीरत्न सीपीएसई हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल)का कर से पहले का लाभ (पीबीटीवित्तीय वर्ष 2025-26 में 95% बढ़कर 1232.73 करोड़ रुपये हो गयाजो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 633.51 करोड़ रुपये था। यह कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक पीबीटी है।

कोलकाता में आज आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में अनुमोदित ऑडिटेड वित्तीय परिणामों के अनुसारहिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3077.92 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक परिचालन से राजस्व’ दर्ज किया है। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 के 2070.96 करोड़ रुपये की तुलना में 49% की मजबूत वर्षदरवर्ष (वाईओवाईवृद्धि को दर्शाता है। कंपनी का कर के बाद लाभ (पीएटी)भी 97% बढ़कर  वित्तीय वर्ष 2025-26 में 920.67 करोड़ रुपये हो गयाजो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 468.53 करोड़ रुपये था।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने 48.7% का मजबूत ईबीआईटीडीए मार्जिन हासिल कियाजबकि पिछले वर्ष यह 37.97% था। इस प्रकार ईबीआईटीडीए मार्जिन में 10.73% की वृद्धि दर्ज की गई। बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन वर्ष के लिए अंतिम लाभांश की भी सिफारिश की गई। यह मार्च 2026 में पहले से दिए जा चुके अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त होगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने 3.67 मिलियन टन अयस्क उत्पादन हासिल कियाजो पिछले वर्ष की तुलना में 6% अधिक है। इसी प्रकारवित्तीय वर्ष 2025-26 में 27,421 टन एमआईसी (सांद्रित धातुउत्पादन प्राप्त किया गयाजो वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 9% अधिक है। वहींवित्तीय वर्ष 2025-26 में 27,369 टन ताँबा एमआईसी की बिक्री दर्ज की गईजो पिछले वर्ष की तुलना में 12% अधिक रही।

वित्तीय परिणामों के अलावाहिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के निदेशक मंडल ने कंपनी की कॉर्पोरेट योजना 2030 के तहत महत्वपूर्ण विस्तार योजनाओं और उनकी वित्तपोषण रणनीतियों पर भी विचारविमर्श किया।