तेलंगाना के समग्र शिक्षा निदेशक डॉ. ई. नवीन निकोलस ने की समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा से मुलाकात:हिमाचल के शिक्षा सुधारों, PGI प्रदर्शन और 6A आधारित विद्या समीक्षा केंद्र मॉडल की सराहना

 

दोनों अधिकारियों ने शिक्षा गुणवत्ता सुधार और डिजिटल एवं छात्र-केंद्रित नवाचारों पर की विस्तृत चर्चा

शिमला। तेलंगाना के समग्र शिक्षा निदेशक एवं स्कूल शिक्षा निदेशक डॉ. ई. नवीन निकोलस ( Dr. E Naveen Nicolas ) ने आज समग्र शिक्षा निदेशालय, शिमला में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों अधिकारियों के बीच दोनों राज्यों में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, डिजिटल सुधारों, गुणवत्ता उन्नयन प्रयासों तथा छात्र-केंद्रित पहलों पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. नवीन निकोलस ने हिमाचल प्रदेश द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तथा सीखने के परिणामों में सुधार लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से समग्र शिक्षा हिमाचल द्वारा विकसित 6A फ्रेमवर्क — अटेंडेंस, असेसमेंट, एडमिनिस्ट्रेशन, एक्रेडिटेशन, एडाप्टिव लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस — आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने विभिन्न डिजिटल पहलों को एकीकृत करते हुए डेटा-आधारित गवर्नेंस प्रणाली विकसित की है, जिससे समयबद्ध निर्णय लेने, स्कूल मॉनिटरिंग और सीखने के परिणामों में सुधार सुनिश्चित हुआ है।

*6A आधारित विद्या समीक्षा केंद्र मॉडल बना प्रेरणादायी पहल*
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने इस दौरान बताया कि हिमाचल प्रदेश ने विद्या समीक्षा केंद्र को केवल डैशबोर्ड तक सीमित न रखते हुए इसे डेटा-आधारित निर्णय, विकेन्द्रीकृत समीक्षा प्रणाली तथा एआई आधारित प्रशासनिक प्रबंधन का मजबूत प्लेटफॉर्म बनाया है। समयबद्ध उपस्थिति निगरानी, दक्षता आधारित मूल्यांकन, स्कूल एक्रेडिटेशन, डिजिटल ट्रैकिंग तथा एडाप्टिव लर्निंग जैसे घटकों के एकीकरण से स्कूल शिक्षा में जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों मजबूत हुई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एवं समग्र शिक्षा द्वारा प्री-प्राइमरी शिक्षा सुदृढ़ीकरण, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लासरूम, व्यावसायिक शिक्षा विस्तार, शिक्षक प्रशिक्षण, समावेशी शिक्षा, स्कूल सुरक्षा तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। डॉ. नवीन निकोलस ने समग्र शिक्षा हिमाचल के विद्या समीक्षा केंद्र मॉडल को देश के लिए एक प्रभावी और प्रेरणादायी पहल बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने 6A एकीकरण मॉडल को जिस प्रभावी तरीके से लागू किया है, वह शिक्षा परिवर्तन की नई दिशा प्रस्तुत करता है।

*PGI, PARAKH और ASER में हिमाचल का उल्लेखनीय प्रदर्शन*
डॉ. नवीन निकोलस ने हाल ही में जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के उल्लेखनीय प्रदर्शन की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी PGI 2024-25 रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश का स्कोर 2023-24 में 573.8 से बढ़कर 2024-25 में 659.2 हो गया, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल राष्ट्रीय स्तर पर 13वें स्थान से छठे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने PARAKH Survey 2024 और ASER रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की। PARAKH Survey में हिमाचल शीर्ष 5 राज्यों में शामिल हुआ है, जबकि ASER रिपोर्ट में भी राज्य ने सीखने के स्तर में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

दोनों राज्यों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार और बेस्ट प्रैक्टिस पर हुई विस्तृत चर्चा : राजेश शर्मा
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि समग्र शिक्षा का निरंतर प्रयास है कि स्कूली शिक्षा को तकनीक, नवाचार और गुणवत्ता आधारित शिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, विद्या समीक्षा केंद्र, शिक्षक क्षमता निर्माण, व्यावसायिक शिक्षा, एडाप्टिव लर्निंग तथा छात्र-केंद्रित पहलों को और सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बैठक शिक्षा क्षेत्र में नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिस के आदान-प्रदान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही तथा भविष्य में भी राज्यों के बीच इस प्रकार का सहयोग शिक्षा सुधारों को नई दिशा प्रदान करेगा।

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