कोयला मंत्रालय 28 मई को नई दिल्ली में सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर रोड शो का आयोजन करेगा

नई दिल्ली। कोयला मंत्रालय 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय से शुरू की गई सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना पर कल 28 मई को एक रोड शो आयोजित करेगा। यह पहल भारत के विशाल कोयला और लिग्नाइट संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए स्वच्छ और मूल्यवर्धित तरीके के रूप में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे उपस्थित रहेंगे। कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, अपर सचिव सनोज कुमार झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।

देश में एक सशक्त कोयला गैसीकरण इकोसिस्‍टम के विकास को गति देने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के तहत इस रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नीति निर्माता, राज्यों के अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक, प्रौद्योगिकी प्रदाता, वित्तीय संस्थान और अन्य प्रमुख हितधारक भारत में कोयला गैसीकरण के उभरते अवसरों, साझेदारियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे।

यह योजना वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने और एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल जैसी प्रमुख वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

लगभग 2.5-3 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ इस योजना से देश के कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लगभग 25 परियोजनाओं में लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। इसके अलावा, योजना के तहत 75 मीट्रिक टन कोयले और लिग्नाइट के उपयोग से प्रतिवर्ष लगभग 6,300 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, साथ ही जीएसटी और अन्य करों के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

वर्ष 2021 में शुरू किए गए राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन और जनवरी 2024 में स्वीकृत 8,500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण योजनाओं के आधार पर, जिसके तहत 6,233 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन के लिए आठ परियोजनाएं पहले से ही कार्यान्वयन के अधीन हैं। इस नई योजना से देश में कोयला गैसीकरण पहलों के लिए समर्थन का काफी विस्तार हो रहा है।

घरेलू कोयले और लिग्नाइट को मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे सिंथेटिक गैस, मेथनॉल, अमोनिया, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस, स्वच्छ ईंधन और रासायनिक कच्चे माल में परिवर्तित करने के लिए कोयला गैसीकरण एक क्रांतिकारी उपाय के रूप में उभर रहा है। इस पहल से औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा आकांक्षाओं को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

यह रोड शो हितधारकों को नव स्वीकृत योजना से उत्पन्न अवसरों पर चर्चा करने और सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए रास्ते तलाशने हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। यह स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में कोयला मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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