शिमला। भारत की जनगणना सामान्यतः प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित की जाती है, जिसके तहत देश की जनसंख्या से जुड़े विभिन्न सामाजिक, आर्थिक एवं आवासीय आंकड़े संकलित किए जाते हैं। आगामी जनगणना 2027 भी दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा।
भारत में जनगणना की शुरुआत वर्ष 1872 से मानी जाती है और दशकीय जनगणना की यह परंपरा पिछले डेढ़ सौ वर्षों से अधिक समय से लगातार जारी है। जनगणना के माध्यम से सरकार को जनसंख्या, परिवारों, आवासीय स्थिति, मूलभूत सुविधाओं एवं संसाधनों के वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है, जिसके आधार पर विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं।
16 जून से शुरू होगा पहला चरण
हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 का पहला चरण 16 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान राज्य के प्रत्येक मकान एवं परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। यह चरण विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्व-गणना की भी मिलेगी सुविधा
इस बार नागरिकों की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की व्यवस्था भी की गई है। निवासी 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इससे लोगों को अपने सुविधाजनक समय पर जानकारी भरने का अवसर मिलेगा और प्रगणकों के कार्य में भी आसानी होगी।
33 प्रश्नों के आधार पर होगा सर्वे
पहले चरण में आवासीय स्थिति, मूलभूत सुविधाओं और परिवार के पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए कुल 33 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मोबाइल नंबर से संबंधित प्रश्न भी शामिल है।
20 हजार से अधिक प्रगणक होंगे तैनात
प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के सफल संचालन के लिए लगभग 20,630 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। इनके प्रशिक्षण के लिए नेशनल ट्रेनर, मास्टर ट्रेनर एवं फील्ड ट्रेनर स्तर के कार्यक्रम सभी जिलों में पूरे किए जा चुके हैं। अब प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण 1 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संकलन
जनगणना 2027 का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। डेटा संकलन के लिए विशेष रूप से विकसित HLO (House Listing Operation) मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से रियल टाइम डेटा अपलोडिंग, त्रुटियों में कमी, बेहतर निगरानी और त्वरित संकलन संभव होगा।
लोगों से सहयोग की अपील
जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे गणनाकारों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं तथा स्व-गणना पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही उपयोग होंगी।
विकास योजनाओं में मिलेगी मदद
जनगणना 2027 से प्राप्त आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी सहित विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के उचित आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का सहयोग प्रदेश और देश के समावेशी विकास के लिए आवश्यक माना जा रहा है।