इन अभियानों में कुल 24 किलो से ज़्यादा नशीली दवाएं और साइकोट्रॉपिक पदार्थ ज़ब्त किए गए हैं। तस्करी के नेटवर्क में शामिल मुख्य लोगों सहित पांच लोगों को ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम 1985’ के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ़्तार किया गया है।
यह प्रतिबंधित सामान तस्करी के अलग-अलग तरीकों से पकड़ा गया। इनमें हवाई अड्डे पर यात्रियों के सामान में छिपाना, कूरियर कंसाइनमेंट में छिपाना और बाहर भेजे जाने वाले एक्सपोर्ट कार्गो में छिपाना शामिल है।

ये बरामदगियां डीआरआई की लगातार सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू माध्यमों से चल रहे संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के उसके केंद्रित प्रयासों को दर्शाती हैं।

पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान डीआरआई की कोचीन केंद्र ने केरल में लगभग 70 करोड़ 76 लाख रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ और साइकोट्रॉपिक पदार्थ ज़ब्त किए और विभिन्न एनडीपीएस मामलों के संबंध में 21 लोगों को गिरफ्तार किया।
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) नशीले पदार्थों के खतरे से समाज की रक्षा करने और केंद्र सरकार के “नशा मुक्त भारत” के विज़न में योगदान देने के अपने संकल्प पर अडिग है।