शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को वकीलों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सील्ड रोड पर परमिट फीस में बढ़ोतरी और पुलिस की कथित सख्ती के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी वकील मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सीधे बातचीत की मांग को लेकर पहले उनके सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद नाराज अधिवक्ताओं ने सचिवालय की ओर कूच कर दिया और जोरदार नारेबाजी करते हुए सचिवालय का घेराव कर दिया।
सचिवालय के बाहर एकत्रित वकीलों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान “वीआईपी कल्चर नहीं चलेगा” और “अंग्रेजों का कानून नहीं चलेगा” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सील्ड रोड को लेकर लागू की गई व्यवस्था और परमिट शुल्क में बढ़ोतरी आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने के बाद वकीलों का विरोध और तीखा हो गया। अधिवक्ताओं ने सचिवालय के बाहर सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया और स्पष्ट कर दिया कि जब तक मुख्यमंत्री उनसे बातचीत नहीं करते, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। सचिवालय के बाहर बैठे प्रदर्शनकारियों के कारण प्रशासन और पुलिस को भी हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वकीलों के धरने का सबसे बड़ा असर शिमला की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सर्कुलर रोड पूरी तरह जाम हो गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। सरकारी कर्मचारी, पर्यटक, स्थानीय निवासी और रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोग भारी परेशानियों का सामना करते नजर आए। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए चलते दिखे, जबकि कुछ मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
दोपहर के समय स्कूलों की छुट्टी होने के कारण जाम का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा। छोटे-छोटे बच्चे और उनके अभिभावक घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे। शहर के विभिन्न हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हुई। कई अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और असुविधा को लेकर चिंता भी जताई।
फिलहाल सचिवालय के बाहर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। वहीं प्रदर्शनकारी वकील अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। शिमला में वकीलों के इस प्रदर्शन ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।