नशा रूपी आग अब घर-घर तक पहुंच चुकी- सीपी वर्मा,,अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निवारण दिवस पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सी.पी. वर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की
शिमला। अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निवारण दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से बचत भवन में एक राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सी.पी. वर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सी.पी. वर्मा ने कहा कि नशा आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। यह केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि “नशा रूपी आग अब घर-घर तक पहुंच चुकी है। यदि हम यह सोचते रहें कि हम तब जागेंगे, जब नशे की चपेट में हमारा अपना कोई आएगा, तो यह सोच समाज के लिए अत्यंत घातक है। हमें इस मानसिकता को बदलना होगा। जागरूकता और जिम्मेदारी की शुरुआत किसी दुर्घटना का इंतजार करने से नहीं, बल्कि आज और अभी से होनी चाहिए।”
सी.पी. वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय प्रत्येक नागरिक को एकजुट होकर नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का है। उन्होंने कहा कि सरकार नशे की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास तथा जन-जागरूकता के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन जब तक समाज, परिवार, शिक्षण संस्थान, पंचायतें, युवा और स्वयंसेवी संगठन इस अभियान का हिस्सा नहीं बनेंगे, तब तक इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।
उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व परिवार को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हिमाचल केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में निदेशक इसोमसा सुमित खिमटा द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए विभाग द्वारा चलाई जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी रखी।
हेल्प एज इंडिया के डॉ. राजेश ने नशे के दुष्प्रभावों एवं इससे बचाव के उपायों पर अपने विचार व्यक्त रखे।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।
*नुक्कड़ नाटकों का मंचन*
पूजा कला मंच द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। इसके
अतिरिक्त, कार्यक्रम के दौरान डाइट शिमला के विद्यार्थियों द्वारा नशा जागरूकता विषय पर प्रेरक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक एनिमेटेड फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट और कोटशेरा कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा भी नशा उन्मूलन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी गई।दृष्टिबाधित बच्चों के संस्थान ढली के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगीत गाया।
दिग्विजय मल्होत्रा सदस्य, एचपीएससी आयोग,
शालिनी जम्वाल सदस्य, एचपीएससी आयोग, डॉ. हंसराज चौहान – सेवानिवृत्त आईएएस, राजेश ठाकुर प्रतिनिधि हेल्प एज संस्था, केशवाराम, सत्यवान पुंडीर (HFADA), दीपचंद ठाकुर अध्यक्ष पेंशनर एसोसिएशन रोहड़ू, हीरानंद शांडिल, मोहर सिंह सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।