नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन ने 39.571 मिलियन यूनिट के दूसरे सर्वाधिक एकल-दिवसीय विद्युत उत्पादन के साथ रचा नया कीर्तिमान

झाकड़ी। भारत की सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना, एसजेवीएन के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन ने ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 04 जुलाई, 2026 को एनजेएचपीएस ने 39.571 मिलियन यूनिट (एमयू) विद्युत उत्पादन कर परियोजना के इतिहास में दूसरे सर्वाधिक एकल-दिवसीय ऊर्जा उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस उपलब्धि के साथ एनजेएचपीएस ने 18 जुलाई, 2023 को स्थापित 39.570 मिलियन यूनिट के अपने पूर्ववर्ती दूसरे सर्वाधिक एकल-दिवसीय ऊर्जा उत्पादन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि परियोजना द्वारा सर्वाधिक एकल-दिवसीय ऊर्जा उत्पादन का रिकॉर्ड 13 अगस्त, 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट (एमयू) के रूप में स्थापित किया गया था, जो अब भी बरकरार है।

इस अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन भूपेंद्र गुप्ता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कीर्तिमान एनजेएचपीएस की परिचालन उत्कृष्टता, टीम भावना तथा निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसजेवीएन भविष्य में भी इसी समर्पण एवं कार्य संस्कृति के साथ ऊर्जा उत्पादन के नए मानदंड स्थापित करता रहेगा।

निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन अजय कुमार शर्मा ने कहा कि यह सफलता संगठन की सुदृढ़ कार्य संस्कृति, कर्मचारियों की प्रतिबद्धता तथा विभिन्न विभागों के प्रभावी समन्वय का परिणाम है।

निदेशक (वित्त), एसजेवीएन पार्थजीत डे ने इस उपलब्धि पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन संगठन की वित्तीय सुदृढ़ता और दीर्घकालिक स्थिरता का आधार होता है।

निदेशक (परियोजनाएं), एसजेवीएन राजेश कुमार चंदेल ने कहा कि यह उपलब्धि परियोजना की उच्च तकनीकी विश्वसनीयता, कुशल संचालन एवं अनुरक्षण व्यवस्था तथा सभी तकनीकी टीमों के अद्भुत समन्वय का परिणाम है।

परियोजना प्रमुख, एनजेएचपीएस राजीव कपूर ने इस उपलब्धि के लिए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, निदेशक (कार्मिक), निदेशक (वित्त) तथा निदेशक (परियोजनाएं) के मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस उपलब्धि को ओ एंड एम, पॉवर हाउस एवं नाथपा टीम की तकनीकी दक्षता, अनुशासित कार्यशैली एवं अथक परिश्रम का परिणाम बताया । उन्होंने इस कीर्तिमान में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य हितधारकों के प्रति भी हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया।