राज्य सरकार ने जुलाई माह में करुणामूलक रोजगार नीति के तहत 94 ग्रुप-सी कर्मचारियों को दी नियुक्ति

शिमला। राज्य सरकार ने दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए निदेशालय भर्ती, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से जुलाई 2026 के दौरान करुणामूलक रोजगार नीति के तहत विभिन्न विभागों में 94 ग्रुप-सी कर्मचारियों को नियुक्ति प्रदान की है।
यह नियुक्तियां जल शक्ति, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, गृह तथा बागवानी विभागों में की गई हैं। सरकार ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे करुणामूलक नियुक्ति के वास्तविक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर भेजें, ताकि पात्र आश्रितों को बिना अनावश्यक विलंब के रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके।
करुणामूलक रोजगार नीति के तहत नियुक्ति प्राप्त करने वाले कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित विभागों को करुणामूलक नियुक्ति के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए, जिससे वर्षों से लंबित पात्र परिवारों को राहत मिली है।
ऊना जिले के कुठेड़ा खैरला निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि उनके पिता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2018 में उनका निधन हो गया था। उन्होंने उसी वर्ष करुणामूलक रोजगार के लिए आवेदन किया, लेकिन उनका मामला वर्ष 2018 से 2022 तक लंबित रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके मामले पर कार्रवाई शुरू हुई। फरवरी, 2026 में उन्हें चयन की सूचना मिली, मार्च 2026 में उन्होंने टाइपिंग परीक्षा दी और जुलाई, 2026 में उन्हें नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ।
शिमला जिले के कोटखाई की शालू चौहान ने बताया कि उनके पिता जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर थे और वर्ष 2013 में उनका निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में उनकी करुणामूलक नियुक्ति की मांग पर कोई विचार नहीं किया गया। लेकिन मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उनके मामले का शीघ्र निपटारा किया गया। उन्होंने मार्च 2026 में टाइपिंग परीक्षा दी और जुलाई, 2026 में उन्हें नियुक्ति पत्र मिला इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कांगड़ा जिले के बैजनाथ की आकांक्षा कपूर ने बताया कि उनके पिता हाइड्रोलॉजी विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में उनके करुणामूलक रोजगार के आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान राज्य सरकार ने उनके मामले को प्राथमिकता से निपटाते हुए जुलाई, 2026 में उन्हें नियुक्ति प्रदान की।

सिरमौर जिले के नाहन निवासी लोकेश चौहान ने बताया कि उनके पिता जल शक्ति विभाग में कार्यरत थे और वर्ष 2014 में उनका निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने उन्हें जुलाई, 2026 में करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान किया, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
हमीरपुर जिले के कुठेड़ा की शिवानी कुमारी ने स्वास्थ्य विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पद पर नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उनके पति स्वास्थ्य विभाग में डेंटल मैकेनिक के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2023 में उनका निधन हो गया था।
राज्य सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व में विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। एकमुश्त विशेष पहल के तहत वास्तविक एवं पात्र अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा नीति के प्रावधानों के अनुरूप जहां आवश्यक होगा, वहां उपयुक्त छूट प्रदान करने पर विचार किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को राहत मिल सके।
राज्य सरकार करुणामूलक रोजगार के पात्र मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह सुनिश्चित करेगी कि इस नीति का लाभ सभी पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचा सके।