शिमला। भारत में पहली बार जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक डिजिटल स्वरूप में संचालित किया जा रहा है। इस बार निवासियों को अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए अभूतपूर्व ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की डिजिटल सुविधा प्रदान की जा रही है। उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी कुल्लू, सुरजीत सिंह राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के तहत हिमाच्छादित एवं विशेष क्षेत्रों हेतु स्व-गणना पोर्टल (se-snowbound.census.gov.in) 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक सक्रिय रहेगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत कोई भी नागरिक इस आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर और ओ.टी.पी. के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। तत्पश्चात राज्य, जिला व स्थानीय विवरण चुनने के साथ डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करके परिवार के सभी सदस्यों की आवश्यक जानकारी दर्ज की जा सकती है।
उन्होंने जानकारी दी कि स्व-गणना सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत पोर्टल द्वारा 12-अंकों की अल्फा-न्यूमेरिक ‘SE-ID’ (जो ‘P’ अक्षर से प्रारंभ होती है) जनरेट होगी, जिसे नागरिकों को सुरक्षित रखना होगा। आगामी 01 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 के मध्य जब प्रगणक घर-घर जाकर डेटा संग्रह एवं सत्यापन करेंगे, तब यह SE-ID उनके साथ साझा करनी होगी।उन्होंने कुल्लू स्थित सभी सरकारी व अर्ध-सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपने परिवार की स्व-गणना समय पर पूर्ण करने और व्यापक जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई नागरिक किसी कारणवश स्व-गणना नहीं कर पाता है, तो चिंता की आवश्यकता नहीं है क्योंकि प्रगणक 01 से 30 सितम्बर के दौरान स्वयं घर आकर पूरी जानकारी दर्ज करेंगे। दर्ज की गई समस्त जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेगी तथा किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए राष्ट्रीय जनगणना हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है।