मंडी– मंडी में आयोजित जिला स्तरीय दिशा समिति की बैठक के दौरान स्थानीय सांसद कंगना रनौत ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। क्षेत्र के विकास कार्यों की सुस्त चाल और बार-बार दोहराई जा रही औपचारिकताओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों के निर्देशों को नजरअंदाज करना बर्दाश्त से बाहर है। सांसद ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को सचेत किया कि समीक्षा बैठकें केवल औपचारिकता पूरी करने का जरिया नहीं हैं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही तय करने का मंच हैं।
संसदीय क्षेत्र के लिए निर्धारित फंड की प्रगति पर चर्चा करते हुए कंगना रनौत ने कहा कि कुल स्वीकृत 11 करोड़ रुपये के बजट में से पिछले दो वर्षों के दौरान बेहद सीमित काम हुआ है, जहां मंडी खंड के हिस्से के करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये में से बमुश्किल साठ लाख रुपये ही खर्च किए जा सके हैं। उन्होंने फर्जी एनओसी तैयार कराकर और बिना जरूरी जमीन या अनुमति के विकास राशि दबाकर बैठने वालों पर कड़ा प्रहार किया। कंगना ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन पर कुंडली मारकर बैठे ऐसे तत्वों से तत्काल पैसा वापस लिया जाए और उन्हें स्थायी रूप से काली सूची में डाला जाए ताकि भविष्य में सरकारी धन का दुरुपयोग रुक सके।
प्रशासनिक सुस्ती को लेकर सांसद ने सभी खंड विकास अधिकारियों और संबंधित अमले को चेतावनी दी कि अब केवल बहानेबाजी या कागजी दलीलों से काम नहीं चलेगा। पूरे देश की नजरें इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के कामकाज पर टिकी हैं, ऐसे में जमीनी स्तर पर परिणामों का दिखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ढिलाई बरतने वाले अफसरों और लंबित परियोजनाओं की पूरी फेहरिस्त तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। सांसद ने साफ किया कि अगर अधिकारियों को अपनी साख और जनता का भरोसा कायम रखना है, तो उन्हें अपनी रफ्तार बढ़ाकर तय वक्त के भीतर योजनाओं को अमलीजामा पहनाना ही होगा।