नई दिल्ली। अगस्त 2026 में देश भर में रेलवे कनेक्टिविटी एवं सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ। भारतीय रेल ने यात्रियों की आवाजाही और माल ढुलाई, दोनों में वृद्धि दर्ज की। इस महीने के दौरान, अमृत भारत की 14 सेवाओं को नियमित किया गया, जिससे कई महत्वपूर्ण रेलमार्गों पर यात्रियों को यात्रा के लिए अपेक्षाकृत अधिक किफायती और आरामदायक विकल्प मिले। साथ ही, उद्योगों के लिए अंतिम-छोर तक माल ढुलाई की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) शुरू किए गए।
भारतीय रेल ने माल ढुलाई में भी 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो अर्थव्यवस्था के प्रमुख सेक्टरों में लगातार बनी रहने वाली मांग को दर्शाता है। यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हुई और त्योहारों के मौसम में बढ़ी हुई मांग को पूरा करने हेतु अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियां चलाई गईं।
अधिक माल ढुलाई से उद्योग जगत और अर्थव्यवस्था को सहारा
भारतीय रेल ने अगस्त 2025 में 130.9 मिलियन टन माल की ढुलाई की तुलना में अगस्त 2026 में 137.9 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जिससे वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
माल ढुलाई में यह वृद्धि कोयला, लौह अयस्क, स्टील, उर्वरक और अन्य सामान जैसे प्रमुख क्षेत्रों से बढ़ती मांग को दर्शाती है। रेल के जरिए अधिक माल की ढुलाई से उद्योगों को भरोसेमंद परिवहन हासिल हुआ है और साथ-ही-साथ विभिन्न इलाकों में आवश्यक सामानों को पहुंचाने में भी मदद मिली है।
अगस्त 2025 की तुलना में अगस्त 2026 के दौरान माल ढुलाई से प्राप्त होने वाले राजस्व में 6.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो भारतीय रेल के माल ढुलाई के कारोबार के लगातार सुदृढ़ होने का संकेत है।
प्रमुख सामानों की अधिक ढुलाई से उद्योग जगत और आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला को मदद
अगस्त 2026 के दौरान कई अहम वस्तु समूहों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। लौह अयस्क की ढुलाई में 12.1 प्रतिशत, क्लिंकर में 10.4 प्रतिशत, घरेलू कंटेनर में 9.2 प्रतिशत और कोयले में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। तैयार इस्पात की धुलाई में 4.9 प्रतिशत, खनिज तेल में 3.1 प्रतिशत, उर्वरकों में 1.6 प्रतिशत और शेष अन्य सामानों में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इन खंडों में वृद्धि से उद्योगों के लिए रेल-आधारित आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ हुई और देश भर में आवश्यक सामानों एवं तैयार उत्पादों की ढुलाई में मदद मिली। विशेषकर, कंटेनर की बढ़ती आवाजाही से रेल नेटवर्क के जरिए विभिन्न प्रकार के सामानों का परिवहन अधिक कारगर तरीके से हो पाया।
माल ढुलाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल
अगस्त 2026 में, 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए गए। इससे 31 अगस्त 2026 तक शुरू किए जा चुके जीसीटी की कुल संख्या 149 हो गई।
नए शुरू किए गए टर्मिनल हैं –
• शिवलखा, गुजरात
• नल्ली, तमिलनाडु
• शक्तिनगर, उत्तर प्रदेश
• देवराग्राम, मध्य प्रदेश
• ब्रजराजनगर, ओडिशा
गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल नेटवर्क के विस्तार से माल को संभालने वाली सुविधाएं उत्पादन एवं उपभोग वाले केन्द्रों के निकट आ गई हैं। सामानों को अधिक सीधे और कुशलता से संभालने की सुविधा देकर, ये टर्मिनल अनावश्यक आवाजाही को कम कर सकते हैं, लॉजिस्टिक्स की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकते हैं और औद्योगिक व व्यावसायिक स्थानों से माल की तेजी से निकासी में मदद कर सकते हैं।
जीसीटी का बढ़ता हुआ नेटवर्क, रेलवे को भारत के व्यापक लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के साथ जोड़ने में भी मदद कर रहा है, जिससे उद्योगों को रेल-आधारित माल ढुलाई की बेहतर सुविधा मिल रही है।
किफायती रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने हेतु अमृत भारत की 14 सेवाओं को नियमित किया गया
अगस्त 2026 में यात्रियों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय विस्तार हुआ। इस महीने अमृत भारत की 14 सेवाओं को विशेष रेलगाड़ी से नियमित रेलगाड़ी में बदल दिया गया, जिससे अमृत भारत की सेवाओं की कुल संख्या 86 हो गई।
ये सेवाएं उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और देश के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों सहित कई बड़े शहरों और क्षेत्रों को जोड़ती हैं।