शिमला। शिमला में मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को लेकर शुरू हुई सियासी बयानबाजी और किशाऊ बांध परियोजना को लेकर जारी खींचतान के बीच राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष पर पलटवार किया है। नेगी ने नए मुख्यमंत्री कार्यालय को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि पुराने कार्यालय में पर्याप्त सुविधाएं और जगह नहीं थी। वहीं किशाऊ बांध परियोजना को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के हितों के लिए लगातार प्रयास किए और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एमओयू हुआ। इसके अलावा नेगी ने मानसून से हुए नुकसान, केंद्रीय मदद, MIS दर, नौतोड़ और राज्यपाल के बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को लेकर विपक्ष के आरोपों पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वक्त के हिसाब से मुख्यमंत्री कार्यालय में सुविधाएं होना जरूरी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में हजारों लोगों, विधायकों और मंत्रियों का आना-जाना होता है। नेगी ने कहा कि अब तक करीब 100 साल पुराना कार्यालय इस्तेमाल हो रहा था, जहां जरूरी सुविधाओं का अभाव था और जगह भी कम थी। कई बार लोगों को बाहर इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में कार्यालय को आधुनिक तरीके से तैयार करना आवश्यकता थी। नए कार्यालय में स्टाफ के लिए स्थान के साथ-साथ विधायकों और मंत्रियों के बैठने की व्यवस्था भी है। विपक्ष के आरोपों पर तंज कसते हुए नेगी ने कहा कि विपक्ष खुद करे तो रामलीला और हम करें तो रासलीला।
किशाऊ बांध परियोजना को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच जगत सिंह नेगी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर हमला बोला। नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के हितों को लेकर बार-बार बैठकें की हैं और मुख्यमंत्री ने कड़ी मेहनत कर हिमाचल के हित में फैसला करवाया। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुए एमओयू के दौरान उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। नेगी ने कहा कि पुराने एमओयू में पूर्व भाजपा सरकार ने 800 करोड़ रुपये अलग से देने का करार किया था और अभी परियोजना पर निर्णय के लिए 12 साल का समय है। बिंदल के हिसाब-किताब पर तंज कसते हुए नेगी ने कहा कि न जाने वे कौन से कैलकुलेटर से हिसाब जोड़ रहे हैं, शायद ट्रंप से कैलकुलेटर लाए हैं।
हिमाचल प्रदेश में मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस साल हुई बारिश और उससे हुए नुकसान को लेकर राजस्व मंत्री ने कहा कि पिछली सालों के मुकाबले इस बार बारिश और नुकसान कम हुआ है। उन्होंने कहा कि साल 2025 में भारी नुकसान हुआ था, जबकि उसके मुकाबले इस साल नुकसान कम रहा। नेगी के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश को करीब 3200 करोड़ रुपये का बरसाती नुकसान हुआ है। केंद्रीय मदद को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक यह राशि प्रदेश को नहीं मिली है।
शिमला। अपनी ही सरकार से MIS की दर बढ़ाने की मांग कर रहे कुलदीप राठौर के बयान पर भी जगत सिंह नेगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि MIS की दर बढ़ाने का मामला सरकार के पास पहले से विचाराधीन है। दर को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की मांग रखी गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि दर में बढ़ोतरी प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए ही की जा सकती है।
नौतोड़ के मामले में राज्यपाल के बयान पर राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार पिछले तीन साल से इस मामले का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल ने करीब 9 हजार फाइलें मंगवाई थीं और सवाल है कि आखिर इस पर कब तक विचार होगा। नेगी ने कहा कि बिना राजनीति के सभी को 20 बीघा जमीन का लाभ मिलना चाहिए। बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को जमीन देने का अधिकार राज्य सरकार के पास है और सरकार केवल FCA हटाने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी कुछ समय के लिए FCA हटाया गया था। रवि ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा नौतोड़ में जमीन नहीं चाहती और जनजातीय लोगों को इसका लाभ नहीं देना चाहती।