
Mandi.. राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रदेश की पहली एचपी शिवा मोनोरेल परियोजना का उद्घाटन किया।
मंडी जिला के एचपी शिवा क्लस्टर पलहोता-2 में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से एक किलोमीटर लम्बाई की इस मोनोरेल परियोजना का निर्माण किया गया है। यह क्लस्टर 28.44 हेक्टेयर क्षेत्र में है और 85 किसान परिवार इससे जुड़े हुए हैं।
बागवानी मंत्री ने कहा कि मोनोरेल परियोजना क्षेत्र के किसानों-बागवानों के लिए महत्वपूर्ण व लाभकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से दुर्गम एवं ढलानदार क्षेत्रों में उत्पादित फल एवं अन्य कृषि उपज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा। इससे किसानों एवं बागवानों के समय और श्रम की बचत होगी तथा परिवहन की दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी।
बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मोनोरेल जैसी आधुनिक सुविधाएं हिमाचल प्रदेश में बागवानी के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित 1,292 करोड़ रुपये की एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर और ऊना में क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना का मुख्य उद्देेश्य किसान परिवारों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एचपी शिवा परियोजना की अवधि को दो वर्ष बढ़ाकर जून, 2028 से जून 2030 कर दिया गया है।
बागवानी मंत्री ने कहा कि एचपी शिवा के प्रथम चरण के तहत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सभी गतिविधियों को पूरा करने तथा सभी क्लस्टरों का किसानों को हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए 28 फरवरी, 2027 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है।
इस अवसर पर निदेशक बागवानी सतीश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक विद्या प्रकाश बैंस, उप-निदेशक जिला मंडी संजय गुप्ता, एचपी शिवा परियोजना निदेशक समीर सिंह राणा, एचपी शिवा विषय विशेषज्ञ उद्यान मनोज शर्मा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।