कलिस्टन से दूधली तक पूर्ण गणवेश में निकले स्वयंसेवक, वक्ताओं ने दिया राष्ट्रसेवा का संदेश
शिमला। विजयदशमी के उपलक्ष्य में शिमला के माधव नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से पथ संचलन एवं नगर एकत्रीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कलिस्टन से दूधली तक पथ संचलन किया। मार्ग में स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं प्रांत पर्यावरण गतिविधि के सह-संयोजक पवन कुमार ने स्वयंसेवकों और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विजयदशमी असत्य पर सत्य की जीत, अहंकार पर विनय की विजय और शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व समाज में सकारात्मकता, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
पवन कुमार ने कहा कि विजयदशमी के दिन ही वर्ष 1925 में डॉ. बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। संघ का उद्देश्य समाज में संगठन, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर संघचालक उधम सिंह गुलेरिया ने स्वयंसेवकों से देशप्रेम की भावना को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार देश के लिए कुछ न कुछ योगदान अवश्य देना चाहिए। राष्ट्र के विकास और समाज की मजबूती के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।