वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा का नेतृत्व करने का आह्वान किया

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित ‘युवा नेतृत्‍व संवाद मंच’ (यंग लीडर्स डिस्कोर्स फोरम) में मुख्य भाषण देते हुए युवाओं से महत्वाकांक्षी लक्ष्‍य निर्धारित करने, परिवर्तन को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना अनिवार्य (गैर-समझौतावादी) है और आज के युवा इस महत्‍वपूर्ण उपलब्धि की दिशा में देश की यात्रा के शिल्‍पकार होंगे। उन्होंने कहा कि जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने का उत्‍सव मना रहा होगा, तब‍ आज के विद्यार्थियों की आयु 40 और 50 वर्ष के बीच की होगी।  उनकी पसंद, आकांक्षाएं और योगदान ही देश का भविष्य निर्धारित करेंगे।

भारत के निर्यात प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए गोयल ने कहा कि देश ने पिछले वर्ष अब तक का सर्वाधिक 863 बिलियन अमरीकी डालर का निर्यात दर्ज किया। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने इस वर्ष अप्रैल-मई में अपने अनुमानों में वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान व्‍यक्‍त किया था, इस बावजूद भारत ने चालू वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन अमरीकी डालर के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया, जो 16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भारत पिछले वर्ष के निर्यात के मुकाबले 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 900 बिलियन अमरीकी डालर का निर्यात लक्ष्य भी निर्धारित कर सकता था। वैश्विक व्यापार में अनुमानित वृद्धि को देखते हुए यह भी अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती। 900 बिलियन अमरीकी डालर का लक्ष्य भी वैश्विक व्यापार की अनुमानित वृद्धि दर से दोगुने से अधिक वृद्धि को दर्शाता। हालांकि, भारत ने इससे भी अधिक महत्वाकांक्षी 1 ट्रिलियन अमरीकी डालर का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्णय लिया। श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि देश इस उपलब्धि को हासिल कर लेगा। उन्‍होंने बताया कि वित्त वर्ष के पहले छह महीनें (अप्रैल-सितंबर) के दौरान ही निर्यात में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह 480 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि वार्षिक लक्ष्य करने के लिए शेष छह महीनों में 520 बिलियन अमरीकी डालर का निर्यात करना होगा, उन्‍होंने यह भी कहा कि अक्टूबर का महिना भी अच्छा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि आईएमएफ ने हाल ही में वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर के अपने अनुमान को संशोधित कर लगभग 3.5 प्रतिशत कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि भारत का निर्यात प्रदर्शन भी इस संशोधन के प्रमुख कारणों में से एक रहा हो, हो सकता है।