विकास योजनाओं को समयबद्ध पूरा करें : अमित कुमार शर्मा

उपायुक्त के आवंटित बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के आदेश
 
कुल्लू : उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में बहुउद्देश्यीय भवन में जिला में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई।
      बैठक में ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा संबंधित विभागों के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन पर विस्तृत चर्चा की गई।
    उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकासात्मक कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का समय पर सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि बिना उपयोग के लंबित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका उपयोग जनहित के कार्यों को पूरा करने में किया जाना चाहिए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, उनके कार्यों में तेजी लाकर व्यय सुनिश्चित करें। साथ ही योजनाओं से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसीसी) समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
    बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने इसके अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों के निर्माण एवं मरम्मत तथा केंद्रों के भवन निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने को कहा।
    उपायुक्त ने नवगठित पंचायतों की परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विभाजन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत सामुदायिक केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सभी नवगठित पंचायतों के लिए फर्नीचर खरीदने हेतु 50 हजार रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
     उन्होंने ई-परिवार सत्यापन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने तथा 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायतों का पीएफएमएस पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समर्थ पोर्टल पर पंचायतों की आय ऑनलाइन दर्ज करने की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य को सबसे पहले पूरा करने वाले विकास खंड को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
    उपायुक्त ने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायतों की आय एवं व्यय की भी समीक्षा की। उन्होंने कम व्यय वाली पंचायतों को उपलब्ध धनराशि का समय पर उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच हो सके। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित जांच मामलों को शीघ्र निपटाने तथा रिकवरी की प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए।
    बैठक में विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम
वीबी-जी राम जी योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक कार्य शुरू करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पंचायत शून्य मस्टररोल वाली न रहे। उन्होंने जियो-टैगिंग के कार्य में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने को कहा।
    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के अंतर्गत 2012 लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इनमें से 1344 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 668 आवास निर्माणाधीन हैं। उपायुक्त ने लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा करवाने तथा लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रोजेक्ट के तहत स्वीकृत 431 आवासों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आवासों के निर्माण कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने को कहा।
    बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के साधन मजबूत करने पर जोर दिया। योजना के अंतर्गत 18.84 करोड़ रुपये का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
    इसके अतिरिक्त कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड, कमजोर वर्गों के लिए वल्नरेबिलिटी रिडक्शन फंड तथा रिवॉल्विंग फंड की मांग एवं उपलब्धता से संबंधित प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के पंजीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
    बैठक में ग्रामीण स्वच्छता एवं ठोस-तरल कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसमें सामुदायिक कम्पोस्ट पिट, सामुदायिक सोक पिट, सामुदायिक शौचालय, कचरा पृथक्करण शेड तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों की स्थिति पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने इन कार्यों के लिए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) से संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी भी प्राप्त की।
    उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को स्वच्छता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
   उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इनका लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने कार्यों की नियमित निगरानी, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
    बैठक में एडीएम सुरजीत राठौर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।