मुख्यमंत्री ने लोगों को पारदर्शी, त्वरित और सुरक्षित सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए डीडीटीजी विभाग की सराहना की डिजिटल गवर्नेंस नवाचारों के लिए हिमाचल को मिले कई राष्ट्रीय सम्मान

शिमला। डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस (डीडीटीजी) विभाग को ई-गवर्नेंस की दिशा में किए गए नवाचारों और…

भाजपा का अनुशासन सर्वोपरि, अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई

    नगर निगम सोलन में पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कड़ा प्रहार, चार कार्यकर्ताओं की प्राथमिक…

मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई दी

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला द्वारा आयोजित 10वीं…

चिट्टे पर पुलिस का वार ,नशा तस्करों के यूपी और पंजाब से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार,गोलू और थॉमस सलाखों के पीछे

​शिमला: नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए शिमला पुलिस ने एक बड़ी…

राष्ट्रीय उच्च मार्ग-305 पर टारिंग कार्य के चलते यातायात हेतु एडवाइजरी जारी; निर्धारित समय पर रहेगा प्रतिबंध

कुल्लू । राष्ट्रीय उच्च मार्ग-305 पर टारिंग कार्य के चलते यातायात हेतु एडवाइजरी जारी; निर्धारित समय…

नीति आयोग के राज्य सहायता मिशन के अंतर्गत सतत विकास के पांचवें लक्ष्य लैंगिक समानता पर कार्यशाला का आयोजन

नई दिल्ली। नीति आयोग ने आईआईएम अहमदाबाद, गेट्स फाउंडेशन और गुजरात सरकार के सहयोग से राज्य सहायता…

घाटों से होकर सुरक्षित यात्रा की ओर: इंदौर-खंडवा राजमार्ग के रूपांतरण से जुड़ी पहल,, पहाड़ी क्षेत्र में यात्रा सुगम बनाने के लिए तीन सुरंगें

नई दिल्ली।इंदौर और खंडवा के बीच घुमावदार घाट वाली सड़कों पर वर्षों से केवल वाहन ही नहीं चलते थे। इन पर चिंता, देरी और अनिश्चितता भी छाई रहती थी। सिमरोल के किसान प्रदीप गौली को वे यात्राएँ अच्छी तरह याद हैं। उपज को बाजार तक ले जाना केवल दूरी की बात नहीं थी; यह जोखिम से भी जुड़ा था। तीखे मोड़, यातायात की भीड़ और कठिन घाट वाले इलाकों में वाहनों के पलटने का निरंतर भय, मंडी और बाजारों तक समय पर पहुंचना भी अनिश्चित बना देता था। खराब माल और बाजार के अवसरों का नुकसान, इस कठिन सड़क की कीमत का हिस्सा थे। हालांकि, यह वास्तविकता अब बदलने की दहलीज़ पर है। इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर के अंतर्गत, 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवारा खंड राष्ट्रीय राजमार्ग -347 बीजी को दो लेन से चार लेन में बदलने से इंदौर और खंडवा जैसे प्रमुख शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा। यह केवल सड़क चौड़ीकरण नहीं है। यह मध्य प्रदेश के एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संपर्क की पुनर्कल्पना है। इस कॉरिडोर के रास्ते उज्जैन और ओंकारेश्वर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को ले जाने वाले ड्राइवर रणजीत सिंह के लिए यह यात्रा हमेशा से ही सावधानी की मांग करती रही है। संकरी दो लेन वाली सड़कें, चुनौतीपूर्ण घाट खंडों से गुजरते हुए तीखे मोड़, बढ़ता यातायात और लगातार होने वाली दुर्घटनाएं हर यात्रा को ड्राइवर और यात्रियों दोनों के लिए तनावपूर्ण बना देती थीं। सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी और देरी होना आम बात थी। वर्षों से सड़क की इस हालत को देख रहे एक स्थानीय निवासी याद करते हुए बताते हैं कि कैसे बसें ढलानों से नीचे गिर जाती थीं और 10 किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता था, जो कभी-कभी कई दिनों तक लगा रहता था। ये छिटपुट घटनाएं नहीं थीं, बल्कि एक ऐसा सिलसिला था जिसने लोगों के जीवन, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका को बाधित किया। महत्व और बुनियादी ढांचे के बीच इस अंतर ने एक अत्यावश्यक आवश्यकता को उजागर किया: एक आधुनिक, कुशल कॉरिडोर जो न केवल यात्रा को आसान बना सके, बल्कि आर्थिक प्रवाह को मजबूत कर सके, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दे सके और तेजी से विकसित हो रहे परिवहन नेटवर्क की मांगों को पूरा कर सके। पहाड़ी क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए तीन सुरंगों का निर्माण इंदौर के पास तीन सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ये सुरंगें नई ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (एनएटीएम) का उपयोग करके बनाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में वाहनों का आवागमन, विशेष रूप से मानसून और व्यस्त यातायात के समय में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। इनमें भेरूघाट सुरंग (575 मीटर), बैग्राम सुरंग (480 मीटर) और चोराल घाट सुरंग (550 मीटर) शामिल हैं। यह विकास सरकार द्वारा क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए शुरू की गई इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर पहल का हिस्सा है। भेरूघाट और चोराल घाट जैसे प्रमुख यातायात अवरोधों की समस्या इन सुरंगों के निर्माण से स्थायी रूप से हल हो जाएगी और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।       परियोजना की प्रमुख विशेषताएं: ● इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर के अंतर्गत एनएच-347बीजी के 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवारा खंड का 4 लेन का निर्माण ● प्रगति स्थिति: 88 प्रतिशत पूर्ण…

भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा नीति वार्ता का 10वां दौर नई दिल्ली में आयोजित हुआ

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा नीति वार्ता का 10वां दौर नई दिल्ली में…

भारतीय मानक ब्यूरो अंतरिक्ष सुरक्षा, संचालन और सततता के भविष्य को आकार देने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया,, 13 देशों के 131 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया

नई दिल्ली। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जो भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है, ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय…

भारत विमान पट्टा एवं वित्तपोषण सम्मेलन 2.0 का आयोजन

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) और फेडरेशन ऑफ…