“हर दिन सेहत अभियान” के तहत मानव मेटापनेयूमोवायरस (HMPV) पर जागरूकता पुस्तिका का विमोचन

शिमला। डिपार्टमेंट ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, IGMC शिमला, ने “Human Metapneumovirus (HMPV): Protecting Your Health and Community”…

व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार ऑक्सीजन के पीएसए प्लांट तक नहीं चला पा रही: जयराम ठाकुर

शिमला। शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार में…

पुराना बस अडडा शिमला की टनल में दिखेगा एचआरटीसी का इतिहास

सौंदर्यीकरण कार्य हुआ सम्पन्न आर्टिस्ट सुनील सुरी ने किया है सौंदर्यीकरण का कार्य शिमला। हिमाचल पथ…

मुख्यमंत्री ने हिमाचली संगीतकार के निधन पर शोक व्यक्त किया

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रसिद्ध संगीतकार प्रो. नंद लाल गर्ग के निधन पर…

मुख्यमंत्री ने तांदी में आग से प्रभावित घटनास्थल का दौरा किया

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू जिले की बंजार घाटी के गांव तांदी…

आरट्रैक शिमला में 9वां सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक (वेटर्नस)  दिवस मनाया गया

शिमला। भारतीय सेना ने मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) शिमला के तत्वावधान में आज 9वां सशस्त्र…

72 मैगावाट की सात सौर परियोजनाओं का शीघ्र आवंटन: मुख्यमंत्री

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार बड़े स्तर पर…

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राजस्थान के उदयपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर का उद्घाटन किया

नई दिल्ली । महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार 10-12 जनवरी, 2025 के दौरान उदयपुर, राजस्थान में चिंतन…

मानव संसाधन की अपरिहार्यता एक मिथक हैः उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा कि, “मानव संसाधन की अपरिहार्यता एक मिथक है। यह विचार कि “आपके बिना चीजें काम नहीं कर सकतीं” सत्य नहीं है। ईश्वर ने आपकी दीर्घायु की सीमा पहले ही निर्धारित कर दी है। इसलिए, उन्होंने यह भी तय कर दिया है कि आप अपरिहार्य नहीं हो सकते।” युवाओं से स्वयं पर विश्वास करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “…स्वयं पर विश्वास रखें। कोई भी जीवित प्राणी तब तक आपके सम्मान का हकदार नहीं है, जब तक आप उनमें कोई गुण न देखें। चापलूस या पाखंडी बनने की इच्छा कभी नहीं होनी चाहिए। हमें अपने सोचने के तरीके की सराहना करनी चाहिए। हो सकता है कि हम सही हों, हो सकता है कि हम गलत हों। हमेशा दूसरे के दृष्टिकोण को सुनें। यह सोचकर निर्णयात्मक न बनें कि आप अकेले ही सही हैं। हो सकता है कि आपको सुधार की आवश्यकता हो। हो सकता है कि दूसरे के दृष्टिकोण से आपको पता चले कि क्या हो सकता है।”

मनाली के बुरुआ गांव में मकान में लगी आग,,15-20 लाख का नुकसान

कुल्लू । मनाली के बुरुआ गांव में 11जनवरी को आग लगने से एक मकान आग की…