शिमला: दृष्टिहीन संघ पहुंचा सचिवालय,,बैकलॉग भर्तियां जल्द करने की कर रहे मांग,,362 दिनों से क्रमिक अनशन पर हैं दृष्टिहीन

सचिवालय में सुक्खू सरकार की कैबिनेट मीटिंग शुरू होने से पहले ही राजधानी शिमला में सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन (दिव्यांग) बेरोजगारों ने चक्का जाम किया। इस दौरान पुलिस को इनके साथ बहसबाजी करनी पड़ी। दिव्यांग बेरोजगार बैकलॉग भर्तियां बहाल करने और रोजगार की मांग पर अड़े हैं। सड़क पर धरने पर बैठे बेरोजगार सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री सुक्खू से जल्द मांग पूरी करने का आग्रह किया। छोटा शिमला में हाई-वे पर इनके धरने से कुछ देर कार्ट रोड पूरी तरह बंद हो गया है सडक़ पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हालांकि लगभग एक घंटे बाद एक तरफ से सड़क बहल हो की गई जिसके बाद स्थिति सामान्य हो पाई। पुराने नियमों के तहत भर्ती की मांग दृष्टिबाधित बेरोजगार नौकरी के संशोधित नियमों को भी वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि सरकार ने बैकलॉग भर्ती के कुछ नियम बदले हैं, लेकिन दृष्टिबाधितों का कहना है कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए नियम नहीं बदले जाएं और पुराने नियमों के तहत उन्हें नियुक्ति दी जाए।

करीब एक साल से शिमला में अनशन पर बैठे
हिमाचल के दृष्टिबाधित बेरोजगार शिमला के कालीबाड़ी में बीते एक साल से रोजगार की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने इन्हें जल्द रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इनकी मांग पूरी नहीं हो पाई। इसलिए बेरोजगार मंगलवार को सडक़ों पर उतर आए हैं।