RDG पर हिमाचल विधानसभा में सरकार बनाम विपक्ष, सदन के बाहर एक-दूसरे के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

 

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन RDG के मुद्दे पर अजब–गजब स्थिति देखने को मिली. सदन की कार्रवाई पूरी होने के बाद माहौल और अधिक गरमा गया। सदन के बाहर पक्ष और विपक्ष आमने–सामने आ गए। विधानसभा परिसर में दोनों दलों के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। सत्तापक्ष ने विपक्ष को हिमाचल विरोधी बताया, तो विपक्ष ने सरकार पर हिमाचल की लूट के आरोप लगाए। सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के हित में लाए गए संकल्प का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है और आज का दिन भाजपा के लिए इतिहास में हिमाचल विरोधी के रूप में दर्ज होगा।

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू कहा कि RDG प्रदेश सरकार का नहीं बल्कि हिमाचल की जनता का अधिकार है, लेकिन भाजपा नेता अपनी ही सरकार के सामने हिमाचल हित की बात रखने से डर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने हिमाचल के हित में प्रोटोकॉल छोड़कर भाजपा के साथ केंद्र जाने का फैसला किया था। बावजूद इसके विपक्ष ने साथ नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र हिमाचल के संसाधनों से पैसा कमा रही है, लेकिन प्रदेश को उसका अधिकार नहीं दे रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की अदालत में भाजपा को जवाब देना होगा और राज्य सरकार अपनी सभी जिम्मेदारियां निभाते हुए हर स्तर पर हिमाचल के हितों की लड़ाई लड़ती।

वहीं, RDG पर जारी राजनीतिक टकराव के बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करने के बजाय RDG पर लाए गए संकल्प पर चर्चा कराई गई। सत्ता पक्ष की ओर से तथ्यों से परे राजनीतिक लहजे में बात रखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने जवाब में जो आंकड़े दिए, वे वित्त सचिव द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से अलग थे। यह संकल्प केवल भाजपा तथा केंद्र सरकार को कोसने की मंशा से लाया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि RDG न मिलने के लिए राज्य सरकार अधिक जिम्मेदार है। 15वें और 16वें वित्त आयोग के सामने जो स्टैंड था, वह आज भी बरकरार है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार प्रदेश की मदद कर रही है और सबसे अधिक RDG मोदी सरकार के कार्यकाल में मिली है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा हिमाचल के हित में खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी, लेकिन कांग्रेस की राजनीतिक मंशा के लिए साथ नहीं हो सकती। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सदन में गलत आंकड़े रखे और विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। उनका कहना था कि विपक्ष ने संकल्प का विरोध नहीं किया, बल्कि बोलने का अवसर न मिलने पर सदन में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा बनाए गए राजनीतिक माहौल में उसके साथ केंद्र जाना संभव नहीं है, हालांकि भाजपा हिमाचल के हित में अपनी बात रखने में सक्षम है और प्रदेश में पहले ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *