हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के मामलों को देखते हुए प्रदेश नशा निवारण बोर्ड अब सक्रिय रूप से बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। बोर्ड के संयोजक नरेश ठाकुर ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि अप्रैल माह से पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति और चिट्टा विरोधी व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से पंचायत स्तर तक लोगों को जागरूक कर युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाने का प्रयास किया जाएगा।नरेश ठाकुर ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर परिसर में सरकारी नशा निवारण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के उपचार और पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य नशे के शिकार युवाओं को सही दिशा देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से निजी नशा मुक्ति केंद्रों में सामने आए मौत के मामलों को लेकर प्रदेश नशा निवारण बोर्ड गंभीर है। इन घटनाओं की गहन जांच की जाएगी और प्रदेश के सभी निजी नशा निवारण केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का भी जायजा लिया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जा सके।संयोजक नरेश ठाकुर ने कहा कि नशा निवारण बोर्ड अप्रैल माह से विभिन्न पंचायतों में जाकर चिट्टा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि युवा सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित हो सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। सरकार, प्रशासन और आम जनता के सहयोग से ही इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।नरेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन ने भी चिट्टा तस्करी के खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से शुरू होने वाला यह अभियान पूरे प्रदेश में जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा, जिससे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।