सैहब कर्मियों के वेतन संकट का हुआ समाधान,हड़ताल हुई खत्म,नगर निगम कर्मियों को अब उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा ₹10,000 का नकद पुरस्कार,राजधानी में जल संकट होगा खत्म : उप महापौर

 

शिमला। सैहब कर्मियों की तीन दिन से चल रही हड़ताल आखिरकार आज महापौर के साथ हुई बैठक के बाद समाप्त हो गयी है। सैहब कर्मियों की आज दोपहर महापौर सुरेंद्र चौहान के साथ बैठक हुई जिसमें सुपरवाइजर के रोके गए वेतन को बहाल कर दिया गया। बैठक में सैहब कर्मियों ने कुछ मांगे भी रखी लेकिन जिस पर अभी तक कुछ सहमति नहीं बन पाई है।वहीं नगर निगम शिमला ने शहर की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।नगर निगम ने आज वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान के साथ-साथ कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना और शहर की पेयजल आपूर्ति को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं।

उप महापौर उमा कौशल ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन को लेकर पिछले कुछ समय से आ रही दिक्कतों को महापौर प्रयासों से सुलझा लिया गया है ।आज शाम तक सुपरवाइजर के फरवरी माह का वेतन उनके अकाउंट में डाल दिया जाएगा ।वहीं उन्होंने कहा कर्मचारियों में निगम कमिश्नर के प्रति कुछ नाराजगी देखी गई है। उमा कौशल ने माना कि नियमों की अपनी मर्यादा है, लेकिन कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए कमिश्नर के साथ आमने-सामने की बातचीत बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि सुपरवाइजरों ने हर वार्ड में ‘चेंजिंग रूम’ और बायोमेट्रिक मशीन की मांग रखी है। हालांकि, 10% वेतन वृद्धि को मांग भी रखी है जो फिलहाल अभी व्यवहारिक रूप करना संभव नहीं है।

वहीं उप महापौर उमा कौशल ने कहा कि
निगम प्रशासन ने अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक ‘संवेदनशील’ नीति तैयार की है। लगभग एक साल पहले लिए गए इस फैसले को अब धरातल पर उतारा जा रहा है नगर निगम के सभी श्रेणियों के उन कर्मचारियों को साल में एक बार 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जो बेहतरीन कार्य करेंगे।जैसे कर्मचारी ने प्राकृतिक आपदा या जल संकट के समय अपनी जिम्मेदारी से ऊपर उठकर काम किया हो उन उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को विशेष पहचान दी जाएगी।

इसके साथ ही महापौर ने कहा कि अब शिमलावसियों को जल संकट से भी निजात मिलेगा।पेयजल व्यवस्था को लेकर भी उमा कौशल ने शहरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि नगर निगम शिमला शिमला अब 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में बढ़ रहा है। कल सतलुज का पानी शिमला में आ जाएगा। जल भंडारण टैंकों को कल से पूरी तरह भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिससे सप्लाई का समय निर्धारित रहेगा।
उन्होंने कहा कि कच्ची घाटी और बाग जैसे क्षेत्रों में वोल्टेज की कमी के कारण पंपिंग प्रभावित हो रही थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। शहर को जल्द ही 15 MLD अतिरिक्त पानी की उपलब्धता होगी, जिससे शिमला में पानी की कोई कमी नहीं रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *