शिमला। चेस्टर हिल घोटाला मामले दिन ब दिन गर्माता जा रहा है।इस मामले को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोलन के चेस्टर हिल और पंजाब के मोहाली में हुए करोड़ों रुपए के भूमि घोटालों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला के होटल कॉम्बरमेयर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है।
राज्य सचिव संजय चौहान, ने मुख्य सचिव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 275 बीघा के चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव स्वयं सूत्रधार हैं। राजस्व सचिव रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।उन्होंने कहा कि नगर निगम सोलन के आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्टों को दरकिनार कर मुख्य सचिव द्वारा खुद को और अन्य को क्लीन चिट देना नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्य सचिव की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है और उन्होंने हिमाचल व पंजाब में करोड़ों की जमीनें “सस्ते दामों”पर खरीदी हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने धारा 118 को कमजोर किया है, जिससे भू-माफिया, नौकरशाही और राजनीतिज्ञों का गठजोड़ सक्रिय हो गया है।
संजय चौहान ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने इस घोटाले को “अधिकारियों की आपसी खींचतान” बताया था।माकपा नेता ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।उन्होंने मांगक्रय हुए कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच बिठाई जाए। यदि दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया और मुख्य सचिव को पदमुक्त नहीं किया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सचिवालय का घेराव करेगी। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ जनता को लामबंद कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।पार्टी ने चेतावनी दी है कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हड़पने और बेनामी सौदों के इस खेल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।