बिजली मित्र भर्ती पर युवाओं ने उठाये सवाल , युवा बोले भर्ती की नही मिली सूचना,सरकार फिर से दे उन्हें मौका

शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिजली मित्र भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदेश भर के युवाओं में आक्रोश है और इस भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाये है।युवाओं में गुस्सा इस बात का भी है कि इतने बड़े स्तर की भर्ती (लगभग 1,600 से अधिक पद) के लिए सुव्यवस्थित तरीके की बजाय इसे आनन-फानन में प्राइवेट एजेंसियों के जरिए करवाया जा रहा है , जिसकी जानकारी बेरोजगारों को नहीं हो पाई। 14 जून को चौपाल ,जुब्बल,रोहडू व कोटखाई में 86 पदों के लिए हुई भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं ने सवाल उठाये है और इसकी जानकारी न होने से अभ्यर्थियों में रोष है।युवाओं का कहना है कि प्रक्रिया की कोई उचित जानकारी या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई, जिसके कारण कई युवा इस भर्ती से वंचित रह गए।

राजधानी शिमला पहुंचे अभ्यर्थियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए।बिजली मित्र भर्ती के लिए आये अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग द्वारा हाल ही में की गई भर्ती प्रक्रिया की कोई उचित जानकारी या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई, जिसके कारण सैकड़ों पात्र युवा आवेदन करने से ही वंचित रह गए।उन्होंने कहा कि कंपनी से जब संपर्क साधा गया तो कंपनी के प्रतिनिधि कहते है कि एक अखबार में विज्ञापन किया गया है।जबकि कई दूरदराज में लोगों तक अखबार नही पहुंचती।होना तो यह चाहिए था कि इसकी अधिसूचना की जाती या वेबसाइट पर इसका विज्ञापन डाला जाता। युवाओं का तर्क है कि उन्होंने दो साल सरकारी आईटीआई से पढ़ाई करने और भारी फीस चुकाने के बाद बिजली बोर्ड के साथ एक साल की कठिन ट्रेनिंग भी पूरी की थी। इसके बावजूद 14 तारीख को होने वाली भर्ती से उन्हें पूरी तरह अनजान रखा गया। जब अभ्यर्थियों ने इस संबंध में निजी कंपनी और विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने की बात कहकर टाल दिया गया। युवाओं का कहना है कि इस क्षेत्र में उम्र सीमा बेहद सीमित होती है और यदि इसी तरह बिना सूचना के भर्तियां होती रहीं, तो उनके तकनीकी डिप्लोमा और समय का कोई मूल्य नहीं रह जाएगा।
इस पूरी अव्यवस्था से खफा अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की नए सिरे से पारदर्शी अधिसूचना जारी की जाए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके। साथ ही यह सुझाव भी दिया गया कि भर्ती प्रक्रिया को राज्य के विभिन्न डिवीजनों के आधार पर आयोजित किया जाना चाहिए, क्योंकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले या निजी क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं के लिए अचानक शिमला पहुंचना संभव नहीं होता। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार का यह फर्ज है कि वह इस भर्ती प्रक्रिया पर पूरी नजर रखे जिससे युवाओं को पूरा मौका मिल सके ।अब कई युवा उम्र की उस दहलीज पर हैं जहां उनकी उम्र भी निकल जायेगी।इसलिए उनकी मांग है कि इस आवेदन से वंचित रह चुके युवाओं को मौका दिया जाए

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