संवेदनशील पंचायतों में सामुदायिक प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के संयुक्त तत्वावधान में करसोग में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

आपदा की दृष्टि से संवेदनशील पंचायतों दछैहण, सरनारली, भंथल और लोअर करसोग के स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं के लिए यह सामुदायिक प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता (कम्युनिटी फर्स्ट रिस्पॉन्डर) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी नागरिक करसोग गौरव महाजन ने की। प्रशिक्षण कार्यशाला में लगभग 40 स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवकों एवं समुदाय की आपदा तैयारीयों व प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करना है, ताकि आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव, पूर्व चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निकासी, आपातकालीन संचार, मनोसामाजिक सहायता तथा सामुदायिक समन्वय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। साथ ही भूकंप, भूस्खलन, अचानक बाढ़, वनाग्नि तथा अन्य आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक अमरजीत सिंह ने प्रतिभागियों को आपदा के समय समुदाय की भूमिका, स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा जो आपदा के समय प्रशासन एवं समुदाय के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ जन-धन की हानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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