नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुविधाएं छीनने और शुल्क बढ़ाने वाली सरकार अब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में मिल रही छूट पर भी कैंची चलाने की तैयारी कर रही है। एचआरटीसी प्रदेशवासियों से राजस्व अर्जन का साधन नहीं बन सकती है। प्रदेश की बड़ी आबादी इसी परिवहन व्यवस्था पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि प्रकाशित समाचारों के अनुसार सरकार विभिन्न श्रेणी के कार्ड पर मिलने वाली रियायत को लगभग समाप्त करने की तैयारी में है। इसमें सम्मान कार्ड पर बुजुर्गों को मिलने वाली 30 प्रतिशत छूट को भी आधा करने की योजना है। साथ ही ग्रीन कार्ड पर मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट को घटाकर 5 प्रतिशत करने की तैयारी की जा रही है। मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं छीनी जा रही हैं और उन पर भी तरह-तरह के शुल्क लगाए जा रहे हैं। सुक्खू सरकार में प्रदेश की महिलाएं, छात्र, युवा, बीमार और बुजुर्ग सभी परेशान हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क का श्रेय लेने की बजाय सरकार को वहां गंभीरता से काम करना चाहिए। यह परियोजना अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है। केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि भी सरकार खर्च नहीं कर पा रही है। यह प्रोजेक्ट केवल देश को दवा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाला नहीं है, बल्कि हिमाचल की तस्वीर बदलने वाला भी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 20 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। क्षेत्र के लोगों को हर स्तर पर लाभ मिलेगा। इससे एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित होगा, जिससे प्रदेश को बहुविध लाभ होंगे। इसलिए श्रेय लेने की बजाय सरकार को जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार की 120वीं जयंती पर उन्हें नमन कर उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया। डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश के गठन, विकास और उसकी अलग पहचान स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके दिखाए मार्ग और विकास की सोच को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है।