जिला प्रशासन ऊना की फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों पर सख्त कार्रवाई, भंडारण व बिक्री पर रोक

ऊना. जनस्वास्थ्य एवं सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर जिले में फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन एवं बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
यह निर्णय मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव तथा निरीक्षण, जब्ती और प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है। रिपोर्टों में पाया गया कि कुछ धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों में मेंथॉल सहित फ्लेवरिंग एजेंट, अन्य एडिटिव्स तथा ह्यूमेक्टेंट्स पाए गए हैं, जो उत्पाद के स्वाद, ठंडक और स्वीकार्यता को बढ़ाकर इसके सेवन को अधिक आकर्षक बनाते हैं। साथ ही ऐसे उत्पाद जिले के खुदरा बाजार में आसानी से उपलब्ध होने के कारण किशोरों, युवाओं तथा अन्य संवेदनशील वर्गों में इनके सेवन की आशंका बढ़ रही है।
आदेश के अनुसार ‘कूल लिप फिल्टर टोबैको’ सहित ऐसे सभी फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद, जिनका उद्देश्य स्वाद, सुगंध, ठंडक अथवा स्वीकार्यता बढ़ाना है, जिले में प्रतिबंधित रहेंगे। सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, वितरकों तथा परिवहनकर्ताओं को इन उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन एवं बिक्री से संबंधित सभी गतिविधियां तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक ऊना, सभी कार्यकारी दंडाधिकारियों, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों को कड़ी निगरानी और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय न्याय संहिता, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद तंबाकू सेवन की शुरुआत को बढ़ावा देने के साथ निकोटीन की लत का कारण बन सकते हैं, जिससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे उत्पादों की उपलब्धता पर रोक लगाने का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना तथा जिले में स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा जारी होने की तिथि से 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि विधि के अनुसार इसमें संशोधन, निरस्तीकरण अथवा अवधि विस्तार न किया जाए।
 जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण अथवा बिक्री की सूचना संबंधित अधिकारियों को देकर जनस्वास्थ्य संरक्षण के इस प्रयास में सहयोग करें।