कुल्लू। राज्य सरकार के ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत आज जिला कुल्लू की विभिन्न चिन्हित संवेदनशील ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की विशेष बैठकें आयोजित की गईं। प्रदेश को शत-प्रतिशत नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिला की 28 संवेदनशील ग्राम पंचायतों एवं नगर परिषद मनाली में राजपत्रित अधिकारियों ने विशेष रूप से पहुंचकर पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों, युवाओं, महिलाओं और अन्य हितधारकों के साथ नशे के खिलाफ प्रभावी रणनीति पर चर्चा की।
अभियान के तहत बजौरा, जरड़ भुट्टी कॉलोनी, मोहल, शमशी, बशौना, कलेहली, मशगांव, परगाणू, बंदरोल, वाशिंग, डुघीलग, ग्राहण, पुईद, शीरड़, बेंची, चौकी डोभी, जिंदौड़, रायसन, दुवाड़ा, हलाण-1, हलाण-2, कटराईं, मंडलगढ़, नग्गर, शलीन, शणाग, चचोगा तथा नगर परिषद मनाली में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।
ग्राम पंचायत कटराईं में आयोजित विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. ने की। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा भी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और कौशल विकास के अवसरों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रखने के लिए सामुदायिक स्तर पर निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक के दौरान ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही पंचायत क्षेत्रों में भांग, अफीम तथा अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती, भंडारण और तस्करी से संबंधित गोपनीय सूचनाएं पुलिस एवं संबंधित विभागों के साथ साझा करने पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित करने पर भी जोर दिया, जहां नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त अथवा सेवन के लिए लोग एकत्रित होते हैं। आमजन को राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 तथा एंटी चिट्टा हेल्पलाइन नंबर 112 के बारे में भी जानकारी दी गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह ने ग्राम पंचायत जिंदौड़ में नशा निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर जिला योजनाकार घनश्याम शर्मा तथा सहायक योजनाकार रोहित भारद्वाज उपस्थित रहे।
इसी प्रकार अन्य चिन्हित पंचायतों में भी संबंधित अधिकारियों ने नशा निवारण समितियों के सदस्यों, नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों और हितधारकों के साथ बैठकें कर नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की।
पूर्व में आयोजित नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्येक पंचायत में जागरूकता एवं सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक-एक ‘चिट्टा वॉलंटियर’ के नामांकन की भी समीक्षा की गई।
सभी अधिकारी बैठकों के उपरांत अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट में समिति की भागीदारी, प्रमुख अवलोकन, सामने आई समस्याएं, सुझाव एवं आगामी कार्ययोजना का विवरण शामिल होगा।
जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा तथा पंचायत
स्तर पर नशा निवारण समितियों को सक्रिय करते हुए निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सामुदायिक सहभागिता, जागरूकता और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से कुल्लू जिला को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।