एसजेवीएन के शीर्ष प्रबंधन ने नेपाल में अरुण-3 जलविद्युत स्थल का निरीक्षण किया; लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना संबंधी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य आरंभ किए

शिमला…काठमांडू में नेपाल सरकार के साथ उच्चस्तरीय आधिकारिक विचार-विमर्श के उपरांत, भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में पार्थजीत डे, निदेशक (वित्त) और राजेश कुमार चंदेल, निदेशक (परियोजनाएं) ने आज पूर्वी नेपाल में एसजेवीएन के जलविद्युत उपक्रमों की व्यापक ऑन-साइट समीक्षा की।
दौरे के दौरान वरिष्ठ प्रबंधन ने 900 मेगावाट की फ्लैगशिप अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के बांध स्थल एवं विद्युत गृह स्थल सहित विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन, तकनीकी मानकों और परियोजना की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सीएमडी एवं निदेशकों ने 669 मेगावाट की लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना का भी दौरा किया और नवंबर 2026 से निर्माण गतिविधियां शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया।
भूपेंद्र गुप्ता ने परियोजना स्थलों पर तैनात एसजेवीएन, एसएपीडीसी और एसएलपीडीसी की टीमों को संबोधित किया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में कड़ी मेहनत के लिए इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन रणनीतिक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है।
एसजेवीएन प्रबंधन ने परियोजना प्रबंधन टीम और निर्माण कार्य में लगी संविदा एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। सीएमडी ने परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने पर जोर देते हुए ठेकेदारों को आवश्यक संसाधन जुटाने, साइट स्तर की समस्याओं का समय रहते समाधान करने और निर्माण कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए।
अरुण-3 और लोअर अरुण दोनों परियोजनाएं भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय स्वच्छ ऊर्जा सहयोग के प्रमुख स्तंभ हैं। एसजेवीएन ने सतत बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।