नई दिल्ली । कौशल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले भारत के प्रमुख मंच, ‘इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26’ की आज ग्रेटर नोएडा में एक भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शुरुआत हुई। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वावधान में आयोजित और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा समर्थित इस प्रतियोगिता में देशभर से 650 से अधिक कुशल युवा भाग ले रहे हैं, जो 63 कौशल श्रेणियों में राष्ट्रीय और वैश्विक उद्योग मानकों के अनुरूप प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता भविष्य के लिए तैयार कार्यबल निर्माण और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वे शीर्ष प्रतिभागी शामिल हैं, जो देशभर में आयोजित पाँच क्षेत्रीय चरणों के विजेता रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता, अनुशासन और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। आज यहां एकत्र हुए फाइनलिस्ट इन कठिन चयन चरणों से निकलकर आए देश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा, “शिक्षा ज्ञान देती है, लेकिन कौशल उस ज्ञान को उद्देश्य और ताकत देते हैं। तेजी से बदलती दुनिया में किसी राष्ट्र की वास्तविक ताकत आजीवन सीखने की प्रतिबद्धता और कौशल पर गर्व करने में है। इंडियास्किल्स जैसे मंचों के माध्यम से हम ऐसे रोल मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो युवाओं को कौशल में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें। जब हम शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए मजबूत टीम भेजने की तैयारी कर रहे हैं, तो हम यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि भारत दुनिया के सबसे कुशल कार्यबलों में से एक तैयार कर रहा है।”
एमएसडीई की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा सेनसरमा ने कहा कि इंडियास्किल्स केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि संरचित कुशल प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के भारत के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 200 से अधिक उद्योग भागीदारों और 63 कौशलों में आयोजित प्रतियोगिताओं, जिनमें 43 ऑनसाइट और 20 ऑफसाइट शामिल हैं, के साथ यह मंच उद्योग के साथ मजबूत तालमेल, व्यापक स्तर और समावेशिता को दर्शाता है।
एनएसडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणकुमार पिल्लई ने उद्योग-संबद्ध कौशल और सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंडियास्किल्स प्रशिक्षण, उद्योग और प्रदर्शन का एक शक्तिशाली संगम है, जो उत्कृष्टता के मानक स्थापित करने के साथ युवाओं को वास्तविक दुनिया की मांगों और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल से लैस करता है।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि इंडियास्किल्स जैसे मंच आजीवन सीखने को बढ़ावा देते हैं और छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि कौशल उच्च शिक्षा और भविष्य के कार्यबल की तैयारी का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 बहुविषयक शिक्षा और लचीले शैक्षणिक मार्गों के माध्यम से शिक्षा और कौशल के मजबूत एकीकरण को बढ़ावा देती है।
इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2025–26 चक्र ने अपने इतिहास में सबसे बड़े प्रतिभागिता स्तरों में से एक दर्ज किया है, जिसमें 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3.65 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं। ये प्रतिभागी स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) के माध्यम से 63 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह व्यापक भागीदारी भारत के युवाओं में कौशल को एक व्यवहार्य और लाभदायक करियर विकल्प के रूप में अपनाने की बढ़ती आकांक्षा को दर्शाती है।
इंडियास्किल्स प्रतियोगिता कौशलों की एक असाधारण श्रृंखला प्रस्तुत करती है। इनमें कुछ कौशल व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं, जैसे- इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वेब टेक्नोलॉजी और क्लाउड कंप्यूटिंग। इसके अलावा कई कौशल उभरते और अत्यधिक विशिष्ट करियर क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भविष्य के उद्योगों को आकार दे रहे हैं, जैसे ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, इंडस्ट्री 4.0, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, मानव रहित एरियल सिस्टम, डिजिटल कंस्ट्रक्शन, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग तथा केमिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी।
इंडियास्किल्स की ताकत इसके सहयोगात्मक पारिस्थितिकी तंत्र में निहित है, जो केंद्र और राज्य सरकारों, सेक्टर स्किल काउंसिल, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग भागीदारों को जोड़ता है, ताकि वास्तविक उद्योग आवश्यकताओं के साथ मजबूत तालमेल सुनिश्चित किया जा सके। वर्तमान चक्र में एक दर्जन से अधिक सेक्टर स्किल काउंसिल ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी–आईटीईएस, निर्माण, रिटेल, कृषि, पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं का समर्थन कर रहे हैं। 200 से अधिक प्रमुख उद्योग भागीदार- जैसे टोयोटा किर्लोस्कर, मारुति सुजुकी, जेके सीमेंट और लिंकन इलेक्ट्रिक, सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रतियोगिता के कार्य और मूल्यांकन उद्योग मानकों के अनुरूप हों।