राज्यपाल ने सत्यनिष्ठ, जिम्मेदार और जन-केंद्रित पत्रकारिता का किया आह्वान

शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। उन्होंने मीडिया से सत्य, विश्वसनीयता और जनहित के मूल्यों को बनाए रखने तथा नई सामाजिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने का आह्वान किया।
राज्यपाल आज शिमला में न्यूज़ 09 चैनल द्वारा आयोजित जैम्स ऑफ हिमाचल अवॉर्ड्स-2026 समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। उन्होंने कहा कि मीडिया की भूमिका केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनचेतना जागृत करने, जन सरोकार के मुद्दों को उजागर करने और सरकार तथा समाज के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि किसी मीडिया संस्थान की सफलता का वास्तविक आकलन केवल उसके प्रसारण की पहुंच, पाठकों या दर्शकों की संख्या से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि कमजोर वर्गों की आवाज को प्रभावशाली तरीके से उठाना और जनसमस्याओं और समाज के समक्ष सकारात्मक पहलों की प्रस्तुतिकरण के आधार पर मीडिया संस्थानों की सफलता की समीक्षा की जानी चाहिए।
डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सोशल मीडिया के परिवर्तनकारी प्रभावों का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि आज समाचार कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक पहुंच सकते हैं। इन तकनीकों ने जनसंवाद के नए अवसर पैदा किए हैं, इसके साथ-साथ भ्रामक सूचनाओं, अपुष्ट खबरों और एआई के माध्यम से तैयार की गई फर्जी सामग्री जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं, जो जन विश्वास और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि खबर सबसे पहले देने की होड़ में रहने के बजाय लोगों तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। मीडिया को सनसनीखेज खबरों के स्थान पर सत्य, नकारात्मकता के बजाय समाधान और विभाजनकारी विचारों के स्थान पर संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार पत्रकारिता का अर्थ समस्याओं को छिपाना या आलोचना से बचना नहीं है। इसके विपरीत, इसका तात्पर्य तथ्यों की सटीकता, संतुलित दृष्टिकोण और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ मुद्दों को सामने लाना है।
समकालीन चुनौतियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, साइबर अपराध, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भ्रामक सामग्री तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखना ऐसे महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनमें मीडिया की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का दायित्व जन समस्याओं और शिकायतों को उजागर करना, प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में योगदान देना तथा उन लोगों की आवाज को मंच प्रदान करना भी है, जिनकी समस्याएं अक्सर बड़े मंचों तक नहीं पहुंच पातीं।
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की शक्ति है, जबकि जिम्मेदार पत्रकारिता उस शक्ति को विवेक प्रदान करती है। उन्होंने एक सशक्त और जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए स्वतंत्रता और जिम्मेदारी दोनों की आवश्यक पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और नागरिक अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक बनें।
राज्यपाल ने कहा कि सरकारी योजनाओं और जन कल्याणकारी पहलों के बारे में सटीक जानकारी प्रसारित करके तथा उनके क्रियान्वयन से जुड़े सवालों को जिम्मेदारी के साथ उठाकर मीडिया महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का दृष्टिकोण जन जागरूकता, जवाबदेही और सहभागी शासन व्यवस्था को मजबूत करेगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया और समाज के प्रति उनकी उपलब्धियों एवं सेवाओं को सराहा।
इससे पूर्व, न्यूज 09 चैनल के प्रबंध निदेशक अजय ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और पुरस्कार समारोह के महत्व पर प्रकाश डाला।